Dedicate to Mummy
                                                           माँ होती तो बात ही कुछ और होती
जब ऑफिस से घर आता हूँ
बहुत ही आकेला महसूस करता हूँ
पापा चाय बना रहे होते और कहते की "बेटा थक गया होगा आराम कर ले " पर
माँ होती तो बात ही कुछ और होती

थोड़ी सी खुशियाँ मिली जब तक साथ तुम्हारा था
पापा अगर कुछ कहते तो तुम मुजको बचाती ,
ना वो अब कुछ कहते और ना ही अब कोइ बचाने वाला है ,
माँ होती तो बात ही कुछ और होती

कुछ नहीं दे पाया तुमको सिर्फ कहता रह गया ,
खाली हो गए दोनों हाथ मेरे क्या मांगू अब उस से भगवन से ,
जो चाहा कभी नहीं मिला अब जीने की उम्मीद सिर्फ पापा है पर
माँ होती तो बात ही कुछ और होती

बहुत कुछ करना चाहता था पर शायद कर नहीं पाया ,
तुम जहाँ भी रहो बस मेरे साथ रहना ,
बहुत ही अकेला हो गया है तुम्हारा बेटा अब ,
कोई नहीं है अब जिस पर हक जाता सकु
माँ होती तो बात ही कुछ और होती
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Abhishek bhatnagar

Hi i am abhishek bhatnagar form moradabad , working as freelancer for various project and also having great intrest in astrology ... Send your queries

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